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  • दुनिया भर में कोरोना मरीजों की संख्या 1014499 हुई, 53159 लोगों की मौत हुई, 212018 लोग इलाज के बाद ठीक हुए
  • भारत में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 2069 हुई. अभी तक 155 लोग ठीक हुए, मृतकों की संख्या 53
  • महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा 390 मरीज, 13 लोगों की मौत हो चुकी है, 42 लोग ठीक हुए
  • तमिलनाडु में कोरोना के 241 मरीज, 1 शख्स की मौत, 6 लोग इलाज के बाद ठीक हुए
  • केरल में कोरोना के 292 मरीज, 2 लोगों की मौत, 25 लोग इलाज के बाद ठीक हुए
  • दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या 231, 4 लोगों की मौत, 8 इलाज के बाद ठीक हुए
  • मध्य प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 105, 6 लोगों की मौत हो चुकी है
  • गुजरात में कोरोना मरीजों की संख्या 102, 8 का इलाज हुआ, 7 लोगों की मौत

ये हैं गुरूवार 26 दिसंबर को पड़ने वाले सूर्यग्रहण संबंधी अहम जानकारियां

इन जानकारियों का ध्यान रखना इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि हर ज्योतिषीय राशि पर पड़ने वाले इसके प्रभाव से हम पहले ही सावधान हो सकते हैं   

ये हैं गुरूवार 26 दिसंबर को पड़ने वाले सूर्यग्रहण संबंधी अहम जानकारियां

नई दिल्ली. भारतीय ज्योतिष के अनुसार ग्रहण और उसका काल अर्थात उस दौरान का समय कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण होता है. ज्योतिष के मानने वालों और न मानने वालों दोनों पर ही ग्रहण का सामान रूप से प्रभाव पड़ता है. गुरूवार को पड़ने वाला यह सूर्य ग्रहण अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लगभग तीन सौ वर्षों बाद पड़ रहा है.   

क्या होता है सूतक 

एक विशेष समय की जानकारी के लिए उपयोग में लाया गया शब्द सूतक होता है. हिन्दू मान्यता के अनुसार जन्म और मरण और ग्रहण के समय सूतक को माना जाता है. हमारे धर्म में कहा जाता है कि सूतक वह समय होता है जब कोई शुभ काम करने की मनाही होती है. सूतक काल सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण दोनों ग्रहणों के दौरान लगता है. 

एक दिन पूर्व ही लग रहा है इस बार सूतक 

सूर्य ग्रहण पड़ रहा है गुरूवार 26 दिसंबर को जबकि इस बार सूर्यगहण पर लगने वाला सूतक एक दिन पहले ही लग जायेगा याने सूतक की सावधानियों का पालन आज 25 दिसंबर से ही करना होगा. इस बार सूर्यग्रहण की यह सबसे ख़ास बात है कि इस बार ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा. यानि बुधवार दिसंबर की शाम से ही सूतक काल प्रभावी हो जाएगा, जोकि गुरूवार शाम तक  चलेगा. 

ग्रहण का समय और उसकी तिथि 

ज्योतिष की गणना के अनुसार बुधवार की रात सवा आठ बजे से सूतक लग जायेगा और वह ग्रहण के समापन पर गुरूवार की शाम को समाप्त होगा. इस ग्रहण के बाद अगले साल 2020 के शुरू में जनवरी में चंद्र ग्रहण पड़ेगा. 

बंद रहेंगे मंदिर 

गुरूवार के इस सूर्य ग्रहण के अवसर पर मान्यता के अनुसार मंदिरों के कपाट बंद रखे जाएंगे और  ग्रहण के समापन के उपरांत ही मंदिरों के कपाट खुलेंगे और फिर से पूजा अर्चना प्रारम्भ होगी. इसलिए आमजनों से भी इस दौरान पूजा-पाठ के कार्यक्रमों को न करने की अपेक्षा रखी जाती है. 

क्यों विशेष है यह सूर्यग्रहण 

यह सूर्यग्रहण इस बार इसलिए विशेष है क्योंकि यह 296 वर्ष बाद पड़ने वाला है. यह अंगूठी सूर्यग्रहण भी कहा जाता है क्योंकि यह अंगूठी जैसा सूर्य ग्रहण होगा जिसमें सूर्य एक आग की अंगूठी की तरह दिखाई देगा.

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